ए डी जी पी नवदीप विर्क के मार्गदर्शन में आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर सम्पन्न
ए डी जी पी नवदीप विर्क के मार्गदर्शन में आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर कई मायनों में महत्वपूर्ण रहा। बी पी आर एण्ड डी अलग-अलग विधि संस्थाओं से आठ से अधिक विशेषज्ञों ने लिया हिस्सा। फीडबैक आधारित यह कार्यशाला कई मायनों में ऐतिहासिक रही।
ए डी जी पी नवदीप विर्क ने कहा कि आई ओ का व्यवहार कानून सम्मत होना चाहिए और कम से कम समय में त्वरित न्याय का आधार बने यही इस प्रशिक्षण शिविर का उद्देश्य है। उन्होने कहा कि ढाई करोड़ से अधिक जनसंख्या वाला राज्य खेती किसानी के साथ बड़े औद्योगिक क्षेत्र का राज्य बन गया है। गुरूग्राम जैसे कई शहर सरकार को नियमित राजस्व दे रहे हैं। ऐसे में हमें यह समेकेतिक विकास के साथ प्रकृति रक्षा के सामाजिक दायित्व को सुनिश्चित करना होगा। उन्होने कहा कि कम होता जल स्त्रोत घटते वन क्षेत्र, बढ़ती प्राकृतिक आपदाएं हमारे समय की बड़ी चुनौती हैं। इन चुनौतियों की वजह से अपराध की प्रवृति भी बढ़ रही है। इसलिए अनुसंधान चुनौतिपूर्ण हो रहा है।

इस संदर्भ में बी पी आर एण्ड डी से आए विशेषज्ञ गुरशरण ने कहा कि बढ़ते अनाधिकृत कालोनियों की निगरानी के लिए ड्रोन मैपिंग, गूगल मैपिंग जैसे डिजिटल साक्ष्यों को आधार बनाना होगा। उन्होने कहा कि नेट ग्रिड, ट्रैवल हिस्ट्री एक अनिवार्य प्रक्रिया बने क्योंकि हम ग्लोबल सर्च के समय में अनुसंधान कार्य कर रहे हैं। उन्होने कहा कि अब हम अंर्तराष्ट्रीय सम्बन्धों को सुदृढ़ कर दूसरे देश से भी अपराधियों की गिरफ्तारी को सम्भव बना रहे हैं।
कानूनविद् दीपक बूरा उप निदेशक अभियोजन आबकारी विभाग ने कहा कि अवैध शराब की बिक्री रोकने में प्रवर्तन ब्यूरो की महत्वपूर्ण भूमिका है। हम होलमार्क के माध्यम से अवैध शराब की निगरानी और पहचान कर सकते हैं।
उप जिला न्यायवादी अम्बाला विक्रम सिंह ने खनिज संसाधनों के दोहन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हमें खनिज दोहन की शक्तियों को पहचानना होगा। यदि हम नही चेते तो प्रलयंकारी आपदाओं का सामना करना होगा। उन्होने पिछले कुछ वर्षों के प्राकृतिक विभिषिकाओ का उदाहरण के रूप में दिया।
उप जिला न्यायवादी प्रवीण कुमार ने कहा कि हम नियमित रूप से कानून के प्रावधानों को अनुसंधान कार्यों का हिस्सा बना रहे हैं और त्वरित न्याय के लिए अनुसंधान अधिकारियों को प्रशिक्षित कर रहे हैं।
पुलिस महानिरीक्षक कुलदीप सिंह ने कहा कि हमने यह अभ्यास पहली बार किया है। आने वाले समय में इसे नियमित किया जाएगा। ब्यूरो के 619 पुलिसकर्मी, 243 अनुसंधान अधिकारी और 6 पुलिस अधीक्षक एवं 22 थाना प्रबन्धकों के साथ यह प्रशिक्षण एक ऐसा प्रयास है जो नये कानूनों के क्रियान्वयन के साथ-साथ प्रवर्तन ब्यूरो के मानक को स्थापित करने की पहल है।
पुलिस अधीक्षक ताहिर हुसैन ने कहा कि दो दिन का यह विचार मंथन हरियाणा पुलिस के इतिहास में एक नया अध्याय है।

