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ईडी के पास कोई सबूत नहीं, सिर्फ जेल में रखने के लिए केजरीवाल और ‘‘आप’’ को बनाया आरोपी- डॉ. संदीप पाठक

आम आदमी पार्टी ने ईडी की चार्जशीट में लगाए गए आरोपों को भाजपा के एजेंडे का हिस्सा करार दिया।

‘‘आप’’ के राष्ट्रीय महासचिव संगठन डॉ. संदीप पाठक ने कहा कि ईडी के पास कोई सबूत नहीं है। वो सिर्फ अरविंद केजरीवाल को जेल में रखने के लिए उन्हें और ‘‘आप’’ को आरोपी बनाया है। केजरीवाल सरकार के काम रोकना, ‘‘आप’’ नेताओं को प्रताड़ित कर उन्हें जेल में रखना भाजपा का मुख्य एजेंडा है। गत 20 जून को निचली अदालत ने ईडी की चार्जशीट में लगाए गए सभी आरोपों पर स्पष्ट रूप से अपना आदेश दिया है। उसमें कहा गया है कि ईडी अभी तक न तो मनी ट्रेल साबित कर पाई और न बता पाई कि गोवा में कैसे और कहां पैसे खर्च हुए। उसकी नियत में खोट है और वह पक्षपातपूर्ण रवैये से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि ईडी भी जानती है कि उसके पास कोई सबूत नहीं है। ईडी का उद्देश्य मनी ट्रेल खोजना और केस को निष्कर्ष की तरफ लेकर जाना कतई नहीं है। ईडी सिर्फ काल्पनिक फिल्म बना रही है और भाजपा द्वारा इसका निर्देशन किया जा रहा है।

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) डॉ. संदीप पाठक ने गुरुवार को पार्टी मुख्यालय में प्रेस वार्ता कर कहा कि भाजपा द्वारा रचित तथाकथित शराब घोटाले में ईडी ने अपनी सातवीं पूरक चार्जशीट दाखिल की है। दो साल की जांच, हजारों रेड और पूरे देश का ध्यान अपनी तरफ खिंचने के बाद देश को केवल एक और चार्जशीट मिली है। इस चार्जशीट में उन्होंने दो नए बदलाव किए हैं कि उन्होंने अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी को आरोपी बनाया है।

ईडी ने चार्जशीट में जिन चीजों को हाइलाइट किया है, उस पर 20 जून को स्पेशल कोर्ट पहले ही स्पष्ट आदेश दे चुका है। स्पेशल कोर्ट ने ईडी की दो साल की जांच और सारे सबूतों को ध्यान में रखकर आदेश दिया है। ईडी कह रही है कि आम आदमी पार्टी आरोपी है और फिर से वही 100 करोड़ और 40 करोड़ लेने की घिसी-पिटी बातें दोहरा रही है। पीएमएलए के तहत अगर किसी के खिलाफ प्रोसीड ऑफ क्राइम (पैसा कहां से आया और कहां खर्च हुआ) साबित नहीं होता, तो उस पर केस नहीं बनता है और ईडी के पास ऐसा कोई सबूत नहीं है।

डॉ. संदीप पाठक ने स्पेशल कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए बताया कि कोर्ट ने अपने आदेश के पैरा 24 में साफ-साफ लिखा है

कि ईडी यह बताने में पूरी तरह से नाकामयाब रही है कि इस पूरे केस में पैसे कहां से आए और कहां खर्च हुए। उसके पास कोई मनी ट्रेल नहीं है। साथ ही आदेश में यह भी लिखा है कि चूंकि अभी तक ईडी को कोई सबूत नहीं मिला है। इसलिए वह चाहती है कि जब तक उसे कोई मनी ट्रेल न मिल जाए, तब तक अरविंद केजरीवाल जेल में रहें। यह बहुत विचित्र स्थिति है। ईडी बार-बार कहती है कि पैसा गोवा चुनाव में इस्तेमाल हुआ, जबकि अपने आदेश के पैरा 26 में कोर्ट ने साफ कहा है कि ईडी यह बताने में भी असफल हुई है कि गोवा चुनाव में पैसा कहां से आया और कैसे खर्च किया गया। ईडी की चार्जशीट के सारे सवालों का जवाब कोर्ट के आदेश में साफ लिखा है। ईडी ने अरविंद केजरीवाल को आरोपी बनाया है, जबकि आदेश में लिखा है कि केजरीवाल के खिलाफ कोई प्रत्यक्ष सबूत नहीं मिले हैं।

डॉ. संदीप पाठक ने कहा कि कोर्ट ने अपने आदेश में पहले ही सारी चीजें स्पष्ट तौर पर लिखा है कि ईडी के पास आरोप साबित करने के लिए कोई सबूत नहीं है। अब प्रश्न उठता है कि कोर्ट के आदेश के बाद जब आपके पास कोई नए सबूत नहीं आए हैं, तो फिर यह चार्जशीट में नई कहानी कहां से जोड़ी गई? इसके अलावा एक दिलचस्प बात यह है कि अपने आदेश के पैरा 27 में कोर्ट ने साफ कहा है कि ईडी की नियत में खोट है और वह पक्षपातपूर्ण रवैये से काम कर रही है।

कोर्ट ने इस बात का भी जिक्र किया है कि ईडी ने केस से जुड़ी जो चीजें 2022 में जुटाई थीं, उसे एक साल बाद, 2023 में कोर्ट के सामने रखा। यानि ईडी अपनी मर्जी से जब चाहे उसको लाने और प्रक्रिया को धीमा करने में लगी हैं। अगर कोर्ट ईडी की नियत पर ही सवाल उठा रहा है तो पूरा केस फर्जी नजर लगने लगता है। अपने आदेश के पैरा 28 में कोर्ट ने लिखा है कि ईडी पक्षपात कर रही है और कोर्ट को उसकी नियत पर भरोसा नहीं हो रहा है। इसका मतलब है कि कोर्ट को ईडी पर संदेह है कि वह किसी से प्रभावित होकर काम कर रही है।

डॉ. संदीप पाठक ने बताया कि पैरा 32 में कोर्ट ने कहा है कि ईडी खुद भी जानती है कि उसके पास कोई सबूत नहीं है,

लेकिन वह किसी भी तरह कोर्ट में अपनी बात साबित करने के लिए लगातार सबूत खोजने में लगी है ताकि वह जिसे जेल में रखना चाहती है, उसे रख सके। ईडी का मकसद मनी ट्रेल ढूंढना, केस को मजबूत बनाना या उसे जल्द से जल्द खत्म करना नहीं है। बल्कि इनका मकसद अरविंद केजरीवाल को किसी भी तरह जेल में रखना है। और ऐसा करने के लिए वह यह सारे पैंतरे आजमा रही है। यह बिल्कुल स्पष्ट है कि ईडी की पूरी कार्रवाई पूरी तरह से दुर्भावना और पक्षपात से भरी हुई है। यह कोई नई बात नहीं है कि भाजपा किस तरह से इस पूरी कहानी को रच रही है। इसके अलावा, यह आदेश ईडी के रवैये का भी खुलासा करता है जिसमें वह कह रही है कि जांच एक तरह की कला है और कई बार इसे करने के लिए नए-नए तरीके अपनाए जाते हैं। जिस पर कोर्ट ने कहा है कि ईडी किसी को फंसाने के लिए इस तरह की कलाकारी न करे।

डॉ. संदीप पाठक ने कहा कि कोर्ट की बात से साफ है कि ईडी एक पिक्चर बना रही है जिसका निर्देशन भाजपा के दफ्तर से हो रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य है कि अरविंद केजरीवाल को किसी भी तरह से जेल में रखा जाए और दूसरी तरफ आम आदमी पार्टी पर हमला किया जाए। यह चुनाव जीत नहीं सकते हैं। इसलिए इस तरह की कलाकारियां करते हैं। राजकुमार आनंद दिल्ली सरकार में मंत्री थे। ईडी ने करीब 23 घंटे तक उन पर छापेमारी की। उस दौरान भाजपा चारों तरफ उन पर हमला कर रही थी। उसने आम आदमी पार्टी के वोट काटने के लिए राजकुमार को बसपा से लोकसभा चुनाव लड़वाया और आज उन्हें वापस भाजपा में ले आए। इसी तरह 2016 में करतार सिंह पर इनकम टैक्स की रेड पड़ी थी और उनके पास से 130 करोड़ अनअकाउंटेड कैश मिलने का दावा किया था।

उस समय भाजपा ने तंवर पर जमीन और फार्म घोटाले का आरोप लगाया और आज उन्हें अपनी पार्टी में ले लिया। भाजपा की वॉशिंग मशीन रुकने का नाम ही नहीं ले रही है। इस लोकसभा चुनाव में जनता ने भाजपा को स्पष्ट संकेत दे दिया है कि वह अब अपने वॉशिंग मशीन का धंधा बंद करे। देश की जनता इसे बिल्कुल स्वीकार नहीं कर रही है। 400 सीटों का सपना देखने वाली भाजपा 240 सीटों पर आ गई है लेकिन इसे अभी भी हकीकत नजर नहीं आ रही है। भाजपा देश और ईडी-सीबीआई जैसी जांच एजेंसियों को बर्बाद न करे। ईमानदारी से काम करते हुए अच्छी और सच्ची राजनीति करे।

मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए डॉ. संदीप पाठक ने कहा कि भाजपा का एजेंडा साफ है

कि उसे किसी भी तरह से दिल्ली के काम रोकने हैं, हमारे नेताओं को प्रताड़ित करना है और अरविंद केजरीवाल को जेल में रखना है। इसलिए ये एक तरफ दिल्ली के गवर्नेंस को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन जब वे इसमें असफल हो गए तो इन्होंने अरविंद केजरीवाल को जेल में डालने की साजिश की और अब ये हमारे बाकी के नेताओं को प्रताड़ित कर रहे हैं। इसमें कुछ भी छिपा नहीं है, जनता सब देख रही है। इस तरह से भाजपा एक राज्य की चुनी हुई सरकार और उसके नागरिकों के अधिकारों को छीन रही है। प्रधानमंत्री को तत्काल अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए, इस देश का शासन चलाने का उनका कोई नैतिक अधिकार नहीं बनता है।

डॉ. संदीप पाठक ने कहा कि कोर्ट ने भी माना है कि ईडी के पास आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला है। अभी तक केवल भाजपा को इलेक्टोरल बॉन्ड के जरिए मिले 60 करोड़ रुपए का मनी ट्रेल स्पष्ट है। यह पूरे देश जानता है कि सरथ रेड्डी ने भाजपा को 60 करोड़ रुपए का चंदा दिया है।

इस हिसाब से भाजपा आरोपी के तौर पर पहली पार्टी होनी चाहिए।

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